MMID क्या है? MMID क्यों जरुरी होता है?

MMID क्या है? MMID क्यों जरुरी होता है? – दोस्तों आज हम आपको बताने वाले हैं कि MMID क्या होता है। साथ ही MMID हमारे लिए क्यों जरूरी होता है। आज हम आपको इसके बारे में विस्तार में बताने वाले हैं। अगर आपको भी इसके बारे में गियान नहीं है, तो यह आर्टिकल आपके लिए काफी काम का साबित हो सकता है, आप इसको पूरा जरूर पढ़ें।

MMID क्या है?

दोस्तों आपको बता दूं कि सभी बैंकों का एक यूनिक MMID नंबर होता है और एक बैंक के पास में केवल एक ही MMID नंबर होता है। MMID नंबर का इस्तेमाल IMPS की सहायता से फंड ट्रांसफर, सेंड और रिसीव करने के लिए करा जाता है। MMID नंबर से 7 डिजिट वाले नंबर में शुरुआत के 4 डिजिट बैंक का यूनिक आईडेंटिफिकेशन नंबर होता है और बाकी के तीन डिजिट आपके मोबाइल नंबर के होते हैं।

अगर आपका खाता किसी बैंक के अंदर है, तो आप एक ही मोबाइल नंबर से काफी अलग-अलग तरीके के MMID नंबर क्रिएट कर सकते हो। लेकिन अब आप सोच रहे होंगे कि आपको पता कैसे चलेगा कि कौन सा MMID नंबर किस बैंक का है या किस बैंक का नहीं है। तो इसमें आपको घबराने की कोई बात नहीं है, जैसा कि हमने आपको सुरवात के अंदर ही बताया था। कि 4 डिजिट बैंक के यूनीक आईडेंटिफिकेशन नंबर होते हैं, जिससे आप यह आईडेंटिफाई कर सकते हो कि कौन सा MMID किस बैंक अकाउंट का है या किसका नहीं है।

MMID का जरुरत क्यों पड़ा?

दोस्तों आज के समय में हम किसी के भी बैंक अकाउंट में उसके अकाउंट नंबर और आईएफएससी कोड की सहायता से ही हम बड़े आसानी से पैसों को ट्रांसफर कर पाते हैं। लेकिन इसके अंदर कुछ लिमिटेशन होने की वजह से यह सर्विस कंपलीटली सक्सेसफुल नहीं होती है। NEFT और RTGS यह दोनों सर्विस केवल बैंक ओपनिंग आवर्स में ही वर्क करती है। लेकिन अब इन्होंने भी 24 आवर्स अवेलेबल कर दिए हैं, इस प्रॉब्लम को दूर करने के लिए IMPS को लाया गया है।

दोस्तों IMPS की सर्विस को बनाने के लिए तो सबसे पहले यह सोचा गया था कि क्यों ना मोबाइल नंबर के सहायता से ही इस सर्विस को अवेलेबल करा जाए। क्योंकि मोबाइल नंबर यूनिक होता है, मतलब की एक से ज्यादा पर्सन के पास में same मोबाइल नंबर नहीं होता है। लगभग आज के समय में हर किसी के बैंक अकाउंट में मोबाइल नंबर ऐड रहता है। जिसके द्वारा आसानी से उस पर्सन के अकाउंट डिटेल्स को वेरीफाई कर लिया जाता है। इस सर्विस को बनाने का सबसे महत्वपूर्ण काम यही था, कि किसी के भी अकाउंट नंबर को जाने बिना केवल उसके मोबाइल नंबर के सहायता से ही उसके अकाउंट में पैसों को ट्रांसफर किया जा सके।

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लेकिन दोस्तों इस आईडिया में एक प्रॉब्लम क्रिकेट हो गई थी। वह प्रॉब्लम यह थी कि यदि किसी यूज़र के दो बैंक अकाउंट हैं और वह दोनों बैंक अकाउंट में एक ही मोबाइल नंबर को ऐड करता है। तब ऐसी स्थिति में उसकी अकाउंट डिटेल आईडेंटिफाई करना काफी मुश्किल होता था। इस प्रॉब्लम को सॉल्व करने के लिए MMID को लाया गया। जिसमें की शुरुआत के 4 अंक आपके बैंक अकाउंट नंबर के होते हैं और फिर लास्ट के 3 अंक आपके मोबाइल नंबर के होते हैं।

Conclusion

दोस्तों एक MMID केवल एक ही बैंक अकाउंट के द्वारा उपयोग करी जाती है। आपके पास दो बैंक अकाउंट का सेम MMID नहीं हो सकता है। क्योंकि मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी दोनों का ही इस्तेमाल करके किसी के भी बैंक अकाउंट को आसानी से आईडेंटिफाई करा जा सकता है और यही सर्विस IMPS को काफी सक्सेसफुल बनाती है।

 

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